जन्म के समय करण का महत्व: शुभ-अशुभ प्रभावों की विस्तृत जानकारी

पंचांग भारतीय ज्योतिष और काल गणना का एक महत्वपूर्ण अंग है, जिसके पांच मुख्य भाग होते हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। करण क्या होते हैं? करण तिथि का आधा भाग होता है। दूसरे शब्दों में, चंद्रमा और सूर्य के भोगांश के अंतर को 6 से भाग देने पर प्राप्त संख्या करण कहलाती है। […]